1.1 न्यायिक जवाबदेही
समाचार में क्यों?
दिल्ली हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश के निवास से नकद करोड़ों रुपये मिलने से उच्चतर न्यायपालिका में जवाबदेही की मांग तेज़ हुई।
महत्वपूर्ण तथ्य:
पूर्व CJI पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच हेतु विशेष पैनल बना था।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर हाई कोर्ट जजों को लोकपाल के दायरे में लाने के फैसले पर रोक लगा दी थी।
वर्तमान तंत्र (जवाबदेही के लिए):
पद से हटाना — संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 एवं न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के तहत।
आंतरिक जांच प्रणाली (1999) —
"न्यायिक जीवन के मूल्य पुनरुत्थान" (1997) और "बैंगलोर सिद्धांत" (2002) पर आधारित।
शिकायतों की जांच 3 सदस्यीय समिति करती है।
उदाहरण: न्यायमूर्ति सौमित्र सेन और पी.डी. दिनकरन।
समिति की रचना: सुप्रीम कोर्ट या अन्य उच्च न्यायालयों के वरिष्ठ न्यायाधीश।
प्रमुख समस्याएं:
जटिल निष्कासन प्रक्रिया — अभी तक किसी भी जज को संसद के माध्यम से नहीं हटाया गया है।
अपारदर्शी कॉलेजियम प्रणाली — NJAC (2015) को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताया।
संपत्ति की घोषणा — 2009 में स्वैच्छिक घोषणा की परंपरा शुरू, लेकिन कानूनी बाध्यता नहीं।
RTI से छूट — कॉलेजियम निर्णय व संपत्ति की जानकारी RTI में नहीं दी जाती।
CJI की पूर्व-अनुमति — आपराधिक केस दर्ज करने से पहले आवश्यक (के. वीरस्वामी मामला)।
आगे की राह:
न्यायिक मानक एवं जवाबदेही विधेयक — पहले लोकसभा में पेश हुआ लेकिन पारित नहीं हो सका।
राष्ट्रीय न्यायिक आयोग (NJC) — न्यायिक एवं गैर-न्यायिक सदस्यों से मिलकर नियुक्ति और जांच करे।
स्थायी अनुशासन समिति — शिकायतों की त्वरित सुनवाई के लिए।
प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली — न्यायाधीशों के लिए ऑब्जेक्टिव मूल्यांकन आवश्यक।
1.2. बिग टेक कंपनियों का विनियमन
(Regulation of Big Tech Companies)
समाचार में क्यों?
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून समिति की रिपोर्ट पर जनता से फीडबैक मांगा है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि बिग टेक कंपनियों (जैसे Google, Meta, Amazon, Microsoft, X) पर नियंत्रण हेतु नया डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून बनाया जाए।
पृष्ठभूमि:
डिजिटल इकोनॉमी की नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की समीक्षा की गई।
वैश्विक स्तर पर बिग टेक कंपनियों की विरोधी व्यापार नीतियों पर चिंता जताई जा रही है।
भारत में प्रमुख उदाहरण:
Meta/WhatsApp केस (2024–25): यूजर डेटा के दुरुपयोग पर ₹213 करोड़ का जुर्माना। मामला NCLAT में लंबित।
WhatsApp Encryption विवाद: IT नियमों के तहत संदेश भेजने वाले की पहचान उजागर करने की मांग।
Google Play Store मामला: थर्ड पार्टी बिलिंग पर शुल्क थोपने का आरोप।
Apple केस (अमेरिका, 2024): प्रतिस्पर्धी ऐप्स को बाधित करने के आरोप में मुकदमा।
विनियमन की आवश्यकता क्यों?
राष्ट्रीय संप्रभुता पर खतरा: डेटा विदेश भेजे जाने से सुरक्षा और निजता को खतरा।
नेटवर्क प्रभाव: जितने ज्यादा यूज़र, उतनी अधिक ताक़त; नए प्रतियोगी पीछे छूटते हैं।
राजस्व हानि: BEPS रणनीति से भारत को $10 बिलियन सालाना नुकसान।
डिजिटल असमानता: ग्रामीण-शहरी खाई और AI सेवाओं में असमान पहुंच।
अनीति एवं पारदर्शिता की कमी: एल्गोरिद्म और निर्णय प्रक्रियाएं अपारदर्शी।
ई-वेस्ट और कार्बन फुटप्रिंट भी चिंता का विषय।
विनियमन में चुनौतियां:
एक्स-पोस्ट मॉडल: मौजूदा कानून घटनाओं के बाद कार्रवाई करता है, पहले नहीं।
IT कानूनों की अस्पष्टता: धारा 69A और 79(3)(b) के उपयोग में विवाद।
वैश्विक असंगति: अलग-अलग देशों के नियम, समान नियंत्रण कठिन।
डिजिटल निजता कानून (DPDPA, 2023) को अभी पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
प्रमुख कानूनी उपाय:
DPDPA, 2023: डेटा गोपनीयता व सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
IT नियम, 2021: सोशल मीडिया के लिए अतिरिक्त नियम।
प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002: बाजार प्रभुत्व के दुरुपयोग पर रोक।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019: भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार प्रथाएं रोके।
आगे की राह (समिति की सिफारिशें):
डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून जल्द लाया जाए।
Systemically Significant Digital Enterprises (SSDEs) घोषित कर पूर्व-नियमन हो।
प्राथमिक सेवाओं जैसे सर्च इंजन, OS, सोशल मीडिया को इस कानून में शामिल करें।
ADEs (जुड़ी कंपनियां) को भी शामिल करें।
निषेधाज्ञाएं:
स्वयं के प्रोडक्ट को बढ़ावा देना।
अन्य सेवाओं के उपयोग के लिए बाध्य करना।
गैर-प्रकट डेटा का अनुचित उपयोग करना।
10% तक वैश्विक टर्नओवर पर जुर्माना।
CCI और NCLAT की क्षमता बढ़ाई जाए।
निष्कर्ष:
बिग टेक कंपनियां केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक प्रभाव भी डाल रही हैं।
पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता अधिकारों और लोकतांत्रिक संवाद की रक्षा के लिए समय पर नियमन अत्यंत आवश्यक है।
1.3.1. लोकसभा में ‘आप्रवास और विदेशी विषयक विधेयक 2025’ पेश किया गया
(Immigration and Foreigners Bill, 2025)
समाचार में क्यों?
केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में लोकसभा में "आप्रवास और विदेशी विषयक विधेयक 2025" पेश किया।
इसका उद्देश्य आप्रवासन (immigration) और विदेशियों के प्रवेश, निवास व निष्कासन से संबंधित सभी पहलुओं को सुव्यवस्थित करना है।
यह विधेयक किन पुराने कानूनों को निरस्त करता है?
विदेशी विषयक अधिनियम, 1946
पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920
विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939
आप्रवासन (नागरिकता और दायित्व) अधिनियम, 2000
(इनमें से तीन कानून भारत के संविधान लागू होने से पूर्व के हैं।)
प्रमुख प्रावधान:
प्रवेश पर रोक के आधार:
यदि कोई विदेशी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता, स्वास्थ्य या विदेश संबंधों के लिए खतरा है तो उसे भारत में प्रवेश से वंचित किया जा सकता है।
इस निर्णय में आप्रवासन अधिकारियों का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा।
विदेशियों की ट्रैकिंग:
विश्वविद्यालय, अस्पताल और नर्सिंग होम जैसी संस्थाओं को विदेशी नागरिकों की सूचना प्रशासन को देनी होगी।
दंड का प्रावधान:
वैध दस्तावेज़ों के बिना भारत में प्रवेश करने पर 5 वर्ष की सज़ा या ₹5 लाख तक का जुर्माना।
विधेयक का महत्व:
भारत में विदेशी नागरिकों की आवक, निवास और गतिविधियों पर एक 統統ित, एकीकृत और आधुनिक विधायी ढांचा प्रदान करना।
राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा प्रबंधन और नागरिक पहचान प्रणाली को मज़बूती देना।
विभिन्न कानूनों के टुकड़ों को हटाकर एकल विधेयक के माध्यम से बेहतर प्रशासनिक दक्षता लाना।
1.3.2. ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट
(Report of Standing Committee on Rural Development & Panchayati Raj)
समाचार में क्यों?
संसद की स्थायी समिति (ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज) ने अपनी रिपोर्ट मार्च 2025 में प्रस्तुत की।
प्रमुख बिंदु:
2025–26 के बजट अनुमान (BE) में ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के लिए बहुत मामूली वृद्धि की गई है, जबकि जरूरतें अधिक हैं।
समिति ने पिछले वित्त वर्ष (2024–25) की तुलना में यथोचित आवंटन न होने पर चिंता व्यक्त की।
प्रभावित योजनाएं:
मनरेगा (MGNREGA):
बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने से मजदूरी भुगतान में देरी और काम की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G):
लक्ष्यों को समय पर पूरा करना मुश्किल होगा।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान:
पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता वृद्धि पर प्रभाव पड़ सकता है।
समिति की सिफारिशें:
योजनाओं के लिए फंडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण गरीबों को समय पर लाभ मिल सके।
स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता दी जाए।
पंचायती राज संस्थाओं की निगरानी और मूल्यांकन तंत्र को मजबूत किया जाए।
मनरेगा में पारदर्शिता के लिए डिजिटल उपस्थिति व जियो टैगिंग को बढ़ावा दिया जाए।
निष्कर्ष:
समिति ने कहा कि “ग्राम स्वराज और समावेशी विकास” की दिशा में निरंतर निवेश आवश्यक है।
ग्रामीण भारत की मजबूती ही आत्मनिर्भर भारत का आधार है।
1.3.4. संसद भाषिणी पहल
(Sansad Bhashini Initiative)
समाचार में क्यों?
भारत सरकार ने संसद के कामकाज में भाषाई समावेशन और AI आधारित समाधान को बढ़ावा देने के लिए संसद भाषिणी पहल की शुरुआत की है।
पहल का उद्देश्य:
संसद में विभिन्न भारतीय भाषाओं में संवाद को सुलभ, स्वचालित और तकनीक-संचालित बनाना।
संसद से जुड़े कार्यों और प्रक्रियाओं को AI की सहायता से कुशल बनाना।
प्रमुख विशेषताएं:
भाषिणी (Bhashini):
MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय) द्वारा विकसित एक AI संचालित भाषा अनुवाद मंच है।
इसका लक्ष्य भारत को बहुभाषी डिजिटल लोकतंत्र में बदलना है।
संसद भाषिणी के अंतर्गत लागू समाधान:
AI आधारित अनुवाद सुविधा — विभिन्न भाषाओं के बीच स्वतः अनुवाद।
AI संचालित चैटबॉट — संसद की वेबसाइट पर सामान्य प्रश्नों के उत्तर देने हेतु।
प्रलेखन और रिपोर्टिंग के लिए वॉयस-टू-टेक्स्ट AI इंजन।
प्रभाव:
लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को अपनी मातृभाषा में संप्रेषण की सुविधा।
डिजिटल समावेशन को बल, विशेष रूप से गैर-अंग्रेज़ी भाषी क्षेत्रों में।
AI, भाषा और लोकतंत्र का उत्कृष्ट संगम।
निष्कर्ष:
संसद भाषिणी पहल भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में तकनीकी नवाचार और भाषाई समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
1.3.5. फ्यूचर ऑफ फ्री स्पीच इंडेक्स 2025
(Future of Free Speech Index 2025)
समाचार में क्यों?
“The Future of Free Speech” संस्था द्वारा किए गए एक वैश्विक सर्वेक्षण में भारत को 24वां स्थान मिला है।
इंडेक्स के मुख्य बिंदु:
सर्वेक्षण में 33 देशों को फ्री स्पीच (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) के समर्थन में रैंक किया गया।
शीर्ष स्थान:
नॉर्वे, डेनमार्क और स्वीडन जैसे स्कैंडिनेवियाई देश।
हैरानी की बात यह कि हंगरी और वेनेजुएला जैसे लोकतंत्र की दृष्टि से कमजोर देश भी उच्च रैंक पर हैं।
भारत की स्थिति:
भारत 24वें स्थान पर रहा।
अमेरिका, जापान और इज़राइल जैसे देशों में पिछले कुछ वर्षों में स्वतंत्रता में गिरावट आई है।
महत्वपूर्ण पहलू:
सर्वेक्षण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति सामाजिक, कानूनी और संस्थागत समर्थन को आधार बनाता है।
भारत का मध्यम प्रदर्शन दर्शाता है कि अभी भी नीतिगत सुधारों और व्यावहारिक गारंटी की आवश्यकता है।
निष्कर्ष:
फ्री स्पीच लोकतंत्र की आत्मा है — भारत को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) की आत्मा के अनुसार इस स्वतंत्रता को संरक्षित और सशक्त करना होगा।
2.1. द्विपक्षीय निवेश संधि
(Bilateral Investment Treaty: BIT)
समाचार में क्यों?
भारत सरकार ने मार्च 2025 में संशोधित BIT मॉडल के आधार पर नई संधियों के प्रारूप को अंतिम रूप देने की घोषणा की।
पृष्ठभूमि:
BIT वह संधि होती है जो दो देशों के बीच सीधे निवेश की सुरक्षा और विवाद समाधान सुनिश्चित करती है।
भारत ने 1994-2011 के बीच 80 से अधिक BITs साइन किए थे, पर 2016 में भारत ने नया मॉडल BIT अपनाया।
नए मॉडल BIT की विशेषताएं:
परिभाषा की संकीर्णता — केवल वास्तविक निवेश को सुरक्षा मिलेगी, सट्टा निवेश को नहीं।
स्थानीय उपायों की अनिवार्यता — विदेशी निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जाने से पहले भारत में सभी उपाय अपनाने होंगे।
राज्य का संप्रभु अधिकार सुरक्षित — सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक कल्याण हेतु सरकार को कानून बनाने की स्वतंत्रता।
ISDS (Investor-State Dispute Settlement) — सीमित परिस्थितियों में ही निवेशक राज्य पर मुकदमा कर सकते हैं।
महत्व:
निवेशकों का विश्वास बढ़ाने हेतु पारदर्शिता व स्थिरता आवश्यक है।
भारत FDI आकर्षित करना चाहता है पर ISDS मुकदमों से बचना भी चाहता है।
वर्तमान विकास:
सरकार “ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स” और डिजिटल निवेश को BIT में सम्मिलित करने पर विचार कर रही है।
भारत ने 2025 तक 15 देशों से नई BIT वार्ता की योजना बनाई है।
2.2. इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA)
(Indian Ocean Rim Association)
समाचार में क्यों?
भारत ने वर्ष 2025 में IORA की अध्यक्षता संभाली है।
IORA के बारे में:
स्थापना: 1997 (दृष्टिकोण: 1995 में नेल्सन मंडेला की भारत यात्रा के दौरान)।
सदस्य: 23 देश, 12 संवाद साझेदार।
मुख्यालय: मॉरीशस।
उद्देश्य: हिन्द महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा, और सतत विकास को बढ़ावा देना।
भारत की भूमिका:
भारत ने IORA को रणनीतिक मंच मानते हुए अपने “SAGAR (Security and Growth for All in the Region)” विज़न को प्रस्तुत किया।
भारत नीली अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और क्षमता निर्माण में सक्रिय।
IORA विश्वविद्यालयों और अनुसंधान नेटवर्क की स्थापना का समर्थन।
भविष्य की पहलें:
भारत IORA में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) की पहल शुरू करेगा।
समुद्री सुरक्षा और अवैध मत्स्यनिरोध पर सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
2.3. भारत–मॉरीशस द्विपक्षीय संबंध
(India–Mauritius Bilateral Relations)
समाचार में क्यों?
भारत ने मॉरीशस के अगालेगा द्वीप में नई हवाई पट्टी और जेटी का उद्घाटन किया।
रक्षा और समुद्री सहयोग:
भारत ने तटीय रडार स्टेशन, सुरक्षा नेटवर्क, और नौसेना सूचना साझाकरण प्रणाली स्थापित की।
अगालेगा द्वीप पर बड़े सैन्य विमान तैनात करने की क्षमता विकसित की गई।
आर्थिक और निवेश सहयोग:
मॉरीशस भारत के लिए अफ्रीका में व्यापारिक प्रवेश द्वार की भूमिका निभाता है।
AfCFTA (African Continental Free Trade Area) के तहत अफ्रीकी बाज़ार तक पहुंच।
भारत–मॉरीशस दोहरा कराधान बचाव समझौता (DTAA) भी लागू है।
सांस्कृतिक संबंध:
मॉरीशस की 70% जनसंख्या भारतीय मूल की है।
दोनों देशों के बीच गहरा सांस्कृतिक और भाषाई जुड़ाव है।
रणनीतिक महत्व:
मॉरीशस हिन्द महासागर में भारत के Indo-Pacific रणनीतिक प्रभाव का केंद्र है।
चीन के मजबूत सैन्य अड्डों की पृष्ठभूमि में यह भारत की प्रतिउत्तरी रणनीति मानी जा रही है।
2.4. भारत–न्यूज़ीलैंड संबंध
(India–New Zealand Relations)
समाचार में क्यों?
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच रणनीतिक संवाद और व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें घोषित की गईं।
प्रमुख पहलू:
राजनयिक संबंध:
दोनों देशों के बीच 1952 से राजनयिक संबंध स्थापित हैं।
हालिया वार्ता में जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार पर चर्चा हुई।
व्यापार एवं निवेश:
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच वार्षिक व्यापार लगभग $1.2 बिलियन।
भारत, न्यूज़ीलैंड के लिए दूध उत्पादों और फल का बड़ा बाज़ार।
FTA (Free Trade Agreement) की दिशा में औपचारिक बातचीत का दोबारा प्रस्ताव।
प्रवासी संबंध:
न्यूज़ीलैंड में भारतीय मूल के 2.4 लाख से अधिक लोग — इनमें से अधिकतर पंजाब, गुजरात और आंध्र प्रदेश से।
भारतीय छात्र न्यूज़ीलैंड की चौथी सबसे बड़ी विदेशी छात्र आबादी हैं।
रणनीतिक सहयोग:
हिंद–प्रशांत क्षेत्र में साझा लोकतांत्रिक मूल्य, समुद्री सुरक्षा, और नियम आधारित व्यवस्था के पक्षधर।
न्यूज़ीलैंड ने भारत के Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI) में भागीदारी की इच्छा जताई।
2.5.1. भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग रोडमैप
(India–Australia Economic Cooperation Roadmap)
प्रमुख बिंदु:
ऑस्ट्रेलिया की नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (NDS), 2024 में भारत को “शीर्ष सुरक्षा साझेदार” का दर्जा दिया गया।
परस्पर लॉजिस्टिक सहायता समझौता और रक्षा विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग व्यवस्था पर हस्ताक्षर।
साझा सैन्य अभ्यास: AUSTRAHIND, AUSINDEX, और Pitch Black।
2.5.2. फाइव आइज़ इंटेलिजेंस एलायंस (FVEY)
(Five Eyes Intelligence Alliance)
समाचार में क्यों?
हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में FVEY प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
FVEY क्या है?
यह एक गुप्तचर गठबंधन है जो Signals Intelligence (SIGINT) साझा करता है।
स्थापना: 1946 के British-American BRUSA समझौते से।
सदस्य: अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा (1948), ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड (1956)।
FIORC (Oversight Council): 2016 में बना ताकि गैर-राजनीतिक निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
2.5.3. SWAAD एलायंस
(SWAAD Alliance)
परिचय:
यह एक अनौपचारिक बहुपक्षीय (minilateral) सुरक्षा गठबंधन है।
सदस्य: अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस।
उद्देश्य:
हिंद–प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना।
आक्रामक सैन्य गतिविधियों को रोकना।
SWAAD और QUAD में अंतर:
QUAD में भारत शामिल है, SWAAD में नहीं।
SWAAD अधिकतर पूर्वी एशिया फोकस्ड है।
2.5.4. ओटावा कन्वेंशन
(Ottawa Convention / Mine Ban Treaty)
समाचार में क्यों?
NATO के सदस्य पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया — रूस से सैन्य खतरे के चलते इस कन्वेंशन से बाहर निकलने पर विचार कर रहे हैं।
कन्वेंशन का उद्देश्य:
एंटी-पर्सनल माइंस के उपयोग, भंडारण, उत्पादन और स्थानांतरण पर रोक।
सदस्य देश बाध्य होते हैं कि वे इन माइंस को नष्ट करें।
महत्वपूर्ण तथ्य:
अधिकृत नाम: “Convention on the Prohibition of the Use, Stockpiling, Production and Transfer of Anti-Personnel Mines and on Their Destruction”
स्थापना: ओस्लो (1997), प्रभावी: 1999।
हस्ताक्षरकर्ता देश: 133
भारत सदस्य नहीं है।
डिपॉजिटरी: संयुक्त राष्ट्र महासचिव।
2.5.5. रायसीना डायलॉग 2025
(Raisina Dialogue 2025)
समाचार में क्यों?
नई दिल्ली में 10वां रायसीना डायलॉग आयोजित हुआ।
मुख्य बातें:
मेजबानी: विदेश मंत्रालय + Observer Research Foundation (ORF)
उद्देश्य: समकालीन भूराजनैतिक और भू-अर्थशास्त्रीय मुद्दों पर संवाद।
भागीदारी:
125 देशों के प्रतिनिधि: मंत्री, राष्ट्राध्यक्ष, थिंक टैंक, युवा प्रतिनिधि आदि।
थीम (2025):
"कालचक्र – People, Peace & Planet"
2.6. शुद्धिपत्र
(Errata / Correction Notice)
समाचार में क्यों?
फरवरी 2025 की मासिक समसामयिक पत्रिका के अनुच्छेद 2.6.3 (अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय) में ग़लत सदस्यता विवरण प्रकाशित किया गया था।
गलत जानकारी:
मलेशिया को ICC (International Criminal Court) का सदस्य बताया गया था।
यूक्रेन की सदस्यता को संदिग्ध बताया गया।
सही जानकारी:
मलेशिया ने ICC संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद एक महीने के भीतर ही सदस्यता वापस ले ली थी।
यूक्रेन ने वर्ष 2024 में अनुमोदन प्रक्रिया पूरी की और 2025 में औपचारिक रूप से ICC में शामिल हुआ।
महत्व:
यह शुद्धिपत्र पाठकों के लिए तथ्यों की स्पष्टता और विश्वसनीयता बनाए रखने हेतु जारी किया गया।
3.1. तरलता घाटा
(Liquidity Deficit)
समाचार में क्यों?
RBI ने मार्च 2025 में तरलता प्रबंधन हेतु कई नीतिगत उपायों की घोषणा की।
तरलता घाटा क्या है?
जब बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध धनराशि (Liquidity), बैंकिंग लेन-देन या आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त हो जाती है, तो उसे तरलता घाटा कहते हैं।
मुख्य कारण:
RBI द्वारा नकद आरक्षित अनुपात (CRR) बढ़ाना।
सरकारी बॉन्ड की बिक्री से सिस्टम से नकदी की निकासी।
विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप – डॉलर की खरीद-बिक्री।
कर भुगतान की समयसीमा से नकदी का बहिर्गमन।
प्रभाव:
ब्याज दरों में वृद्धि।
ऋण लेना महंगा होना।
MSME और लघु उधारकर्ताओं को कठिनाई।
RBI की प्रतिक्रिया:
MSF (Marginal Standing Facility) के माध्यम से अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराना।
Open Market Operations (OMO) के माध्यम से बॉन्ड खरीदकर बाजार में नकदी डालना।
Standing Deposit Facility (SDF) दरों में संशोधन।
3.2. BHIM-UPI रेंजैक्शन के लिए प्रोत्साहन योजना
(Incentive Scheme for Promotion of Low-Value BHIM-UPI Transactions)
समाचार में क्यों?
केंद्र सरकार ने 2024–25 के लिए ₹1,500 करोड़ की लागत से नई BHIM-UPI प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी।
योजना का उद्देश्य:
₹2,000 तक के Person-to-Merchant (P2M) लेन-देन को बढ़ावा देना।
डिजिटल भुगतान अपनाने वाले छोटे व्यापारियों को लाभ पहुँचाना।
मुख्य विशेषताएँ:
प्रत्येक P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.15% की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
यह राशि व्यापारी के बैंक (Acquiring Bank) को दी जाएगी जो इसे ग्राहक के बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और ऐप प्रदाता के साथ साझा करेगा।
लक्ष्य:
20,000 करोड़ रुपये मूल्य के ट्रांजैक्शन हासिल करना।
UPI को Tier 3 से Tier 6 शहरों तक ले जाना।
UPI 123PAY और UPI Lite/LiteX जैसे ऑफलाइन समाधानों को बढ़ावा देना।
BHIM-UPI के बारे में:
यह NPCI द्वारा विकसित एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो Unified Payment Interface (UPI) पर आधारित है।
एक ही ऐप से कई बैंक खातों को जोड़कर, QR, VPA या मोबाइल नंबर से भुगतान की सुविधा देता है।
3.3. प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को ऋण (Priority Sector Lending - PSL)
समाचार में क्यों?
भारत सरकार और RBI ने PSL ढांचे को अधिक प्रभावी और समकालीन बनाने हेतु नए सुझाव और विश्लेषण प्रस्तुत किए।
PSL क्या है?
यह वह ऋण होता है जिसे बैंकों को विशिष्ट आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों को अनिवार्य रूप से देना होता है जैसे:
कृषि,
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME),
शिक्षा,
नवीकरणीय ऊर्जा,
गरीब और वंचित वर्ग आदि।
उद्देश्य:
वित्तीय समावेशन,
संतुलित क्षेत्रीय विकास,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन।
हालिया सुझाव और सुधार:
डेटा आधारित क्रेडिट स्कोरिंग अपनाई जाए।
AI और सैटेलाइट इमेजिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग।
PSLC (Priority Sector Lending Certificate) बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना।
इनपुट आधारित लक्ष्य की बजाय आउटकम आधारित दृष्टिकोण अपनाना।
3.4. माइक्रोफाइनेंस के 50 वर्ष
(50 Years of Microfinance)
समाचार में क्यों?
स्वरोजगार महिला संघ (SEWA) बैंक की 50वीं वर्षगांठ — भारत में माइक्रोफाइनेंस के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक।
माइक्रोफाइनेंस क्या है?
यह ऐसी वित्तीय सेवा है जो गरीब परिवारों और सूक्ष्म उद्यमियों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है।
पारंपरिक बैंकों की तरह ही ब्याज व किस्तों में पुनर्भुगतान होता है।
विकास और चुनौतियाँ:
RBI का 2022 का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क — परिभाषा, सीमा, पुनर्भुगतान आदि को स्पष्ट करता है।
NABARD द्वारा पुनर्वित्त सहायता।
MFIN (Microfinance Institutions Network) की सिफारिश:
अधिकतम 3 संस्थाओं से ऋण लेने की अनुमति।
ऋण सीमा ₹3 लाख से घटाकर ₹2 लाख करने का सुझाव।
AI/ML मॉडल से संभावित डिफॉल्ट की पहले से पहचान।
किफायती आवास, जल और स्वच्छता जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान।
3.5. भारत में विप्रेषण (Remittances in India)
समाचार में क्यों?
विश्व बैंक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2024 में $120 अरब डॉलर से अधिक विदेशी विप्रेषण प्राप्त किया — यह विश्व में सबसे अधिक है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
प्रवासी भारतीय (NRIs) द्वारा भारत में भेजे गए पैसे को विप्रेषण कहा जाता है।
ये पैसे घरेलू खपत, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के लिए उपयोग होते हैं।
शीर्ष स्रोत देश:
संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, सऊदी अरब, कुवैत और कतर।
खाड़ी देशों से 50% से अधिक विप्रेषण आता है।
चुनौतियाँ:
मुद्रास्फीति और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव।
अनौपचारिक चैनलों से आने वाले पैसे का ट्रैक न होना।
मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग की संभावनाएँ।
नीति सुझाव:
फिनटेक प्लेटफॉर्म्स और UPI इंटरनेशनल को बढ़ावा।
रियायती शुल्क और तेज ट्रांजैक्शन सुविधा उपलब्ध कराना।
प्रवासी निवेश बांड और NRI विशेष बचत योजनाएं।
3.6. यूनिफाइड पेंशन स्कीम
(Unified Pension Scheme)
समाचार में क्यों?
भारत सरकार सभी मौजूदा पेंशन योजनाओं को एकीकृत करने हेतु एक यूनिफाइड पेंशन पोर्टल की दिशा में काम कर रही है।
वर्तमान स्थिति:
भारत में कई पेंशन योजनाएं अलग-अलग एजेंसियों द्वारा चलाई जा रही हैं:
अटल पेंशन योजना (APY)
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)
EPFO पेंशन
NPS–वात्सल्य, आदि
योजना का उद्देश्य:
एकल डिजिटल पोर्टल जहां नागरिक अपने पेंशन खातों की जानकारी देख सकें।
पोर्टेबिलिटी, पारदर्शिता, और प्रबंधन में सुधार।
महत्व:
देश के अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षित वृद्धावस्था की गारंटी।
डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, और सामाजिक सुरक्षा मिशनों के तहत सराहनीय पहल।
3.7. इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण में आत्मनिर्भरता
(Self-Reliance in Electronics Component Manufacturing)
समाचार में क्यों?
MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) ने इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण योजना की घोषणा की।
योजना की प्रमुख बातें:
इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला के 4 चरण:
डिज़ाइन
घटक निर्माण
असेंबली
मूल उपकरण निर्माण
योजना गैर-सेमीकंडक्टर घटकों जैसे रेसिस्टर्स, कैपेसिटर्स, सेंसर आदि पर केंद्रित है।
चुने गए उत्पादों पर विभिन्न अनुपातों में राजकोषीय प्रोत्साहन मिलेगा।
महत्व:
भारत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
चीन+1 रणनीति के तहत विदेशी कंपनियां भारत में निवेश को तैयार।
भारत में उत्पादन लागत थाईलैंड से 46% कम और श्रमिक बल 12 गुना अधिक।
चुनौतियाँ:
उच्च लॉजिस्टिक्स लागत,
लीड टाइम लंबा,
क्लस्टर-आधारित विनिर्माण तंत्र का विकास आवश्यक।
3.8 इक्वलाइजेशन लेवी (Equalization Levy)
परिभाषा और उपयोग:
इक्वलाइजेशन लेवी डिजिटल लेनदेन पर एक प्रकार का कर है जो विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में डिजिटल सेवा प्रदान करने पर लगाया जाता है। मार्च 2025 में सरकार ने इस कर की सीमा और दरों में संशोधन किया है ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था में कर चोरी रोकी जा सके।
मुख्य अपडेट:
इक्वलाइजेशन लेवी की दर 2% से बढ़ाकर 3% की गई।
अब यह कर उन कंपनियों पर भी लागू होगा जो भारत में ₹10 करोड़ से अधिक का डिजिटल व्यापार करती हैं।
महत्व:
यह निर्णय GST और अन्य कर प्रणालियों के पूरक के रूप में लिया गया है ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता और कर संग्रह बढ़े।
3.9 किसान उत्पादक संगठन (Farmer Producer Organizations - FPO)
परिचय:
किसान उत्पादक संगठन किसानों को संगठित करके उनकी उत्पादकता और लाभ को बढ़ाने का सरकारी प्रयास है।
मार्च 2025 में मुख्य घटनाएं:
केंद्र सरकार ने 1000 नए FPOs के पंजीकरण की योजना घोषित की।
वित्त मंत्रालय ने FPOs को 50% तक सब्सिडी देने की नीति को और बढ़ाया।
कृषि मंत्रालय ने FPOs को कृषि उपकरण और बीज उपलब्ध कराने के लिए विशेष कोष की स्थापना की।
प्रभाव:
FPOs की मदद से किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधार होगी।
3.10 भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy of India)
सार:
भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में जैव प्रौद्योगिकी, जैव ईंधन, जैविक खेती आदि शामिल हैं।
मार्च 2025 में प्रगति:
भारत सरकार ने ‘Bio-innovation Mission 2025’ लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों का विस्तार करना है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 5000 नए केंद्र स्थापित किए गए।
बायो-एथनॉल उत्पादन में 20% की वृद्धि दर्ज हुई।
प्रमुख उद्देश्य:
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जैविक संसाधनों का सतत उपयोग।
3.11 राष्ट्रीय तकनीकी हथियार मिशन (National Technical Weapons Mission)
विवरण:
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए तकनीकी हथियारों के विकास और उत्पादन पर केंद्रित मिशन।
मार्च 2025 की प्रमुख घटनाएं:
रक्षा मंत्रालय ने 5 नई हाईटेक हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया।
स्वदेशी रूप से विकसित ‘क्लस्टर म्यूनिशन्स’ का पहला सफल परीक्षण हुआ।
क्वांटम कंप्यूटिंग आधारित रक्षा सुरक्षा तंत्र के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया।
3.12 राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल का निर्माण) नियम, 2025
परिभाषा:
जलमार्ग के विकास और प्रबंधन के लिए नियमावली।
मार्च 2025 में अपडेट:
भारत सरकार ने 10 प्रमुख जलमार्गों पर आधुनिक टर्मिनल निर्माण के लिए निविदाएं जारी कीं।
स्मार्ट जलमार्ग प्रबंधन के लिए आईटी सिस्टम लागू किया गया।
लाभ:
जलमार्गों से माल की तेज़ और सस्ती आवाजाही।
3.13 भारत के विकास के लिए कोयला क्षेत्र
प्रमुख घटनाएं:
कोयला मंत्रालय ने स्वच्छ ऊर्जा के लिए कोयले के उत्पादन को 15% बढ़ाने की योजना बनाई।
2 नए कोयला खदानों का उद्घाटन हुआ।
‘कोयला खदानों का पुनर्वास योजना’ शुरू की गई।
3.14 राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम
मार्च 2025:
डेयरी किसानों को सशक्त बनाने के लिए नए सब्सिडी पैकेज की घोषणा।
देश के 1000 नए डेयरी फीडिंग सेंटर शुरू।
डेयरी उत्पादन में 10% वृद्धि दर्ज।
3.15 संविप्त सुर्खियां (March 2025 के महत्वपूर्ण संक्षिप्त समाचार)
लोक लेखा समिति ने GST फ्रेमवर्क की समीक्षा की मांग की।
CSR, IBC और ESG को प्रभावी बनाने पर जोर।
संसद की स्थायी समिति ने मत्स्य क्षेत्र पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सहकारी चीनी मिलों के लिए नई योजना शुरू।
तंबाकू नियंत्रण के लिए सख्त नियम।
विश्व बैंक ने ‘एक पीढ़ी में उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था’ बनने के लक्ष्य पर रिपोर्ट जारी की।
UNCTAD ने 'A World of Debt Report 2024' प्रकाशित किया।
विपणन स्वैप एग्रीमेंट (BSA) पर चर्चा।
सड़क क्षेत्र में सबसे बड़ा InvIT मुद्रीकरण हुआ।
MSMEs के लिए नया क्रेडिट असेसमेंट मॉडल।
वेंचर कैपिटल निवेश में बढ़ोतरी।
पुनर्बीमा क्षेत्र में सुधार।
अपलिंक इन्वेस्टमेंट पर जोर।
4. सुरक्षा (Security)
4.1 राष्ट्रीय सुरक्षा में क्वांटम कंप्यूटिंग की भूमिका
मार्च 2025 में:
सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग आधारित एन्क्रिप्शन तकनीकों के विकास के लिए नया प्रोजेक्ट शुरू किया।
रक्षा संस्थानों में क्वांटम तकनीक से जुड़े रिसर्च लैब्स स्थापित किए गए।
4.2 संविप्त सुर्ख़ियां
अंतरराष्ट्रीय शस्त्र हस्तांतरण के रुझान 2024 पर रिपोर्ट जारी।
भारत में सोने की तस्करी के मामलों में वृद्धि।
C-DOT द्वारा विकसित नई संचार तकनीक का परिचय।
गांधी मिसाइल परियोजना में प्रगति।
अवश्वनी (ड्रोन आधारित सुरक्षा)।
सोवनक डेपन (स्वदेशी रक्षा उपकरण)।
गोल्डन डोम तकनीक।
क्लस्टर म्यूनिशंस कन्वेंशन।
मार्च 2025 में भारत ने विभिन्न युति अभ्यास किए।
संभावित प्रश्न (MCQ & डिस्कशन क्वेश्चन) - मार्च 2025 करेंट अफेयर्स
इक्वलाइजेशन लेवी की नई दर मार्च 2025 में कितनी तय की गई है?
a) 1%
b) 2%
c) 3%
d) 4%किसान उत्पादक संगठन (FPO) को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2025 में केंद्र सरकार ने किस योजना की घोषणा की?
a) 500 नए FPO
b) 1000 नए FPO
c) 1500 नए FPO
d) 2000 नए FPOभारत की जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2025 में किस मिशन की शुरुआत हुई?
a) Bio-innovation Mission 2025
b) Green Energy Mission
c) Digital India Mission
d) Swachh Bharat Missionराष्ट्रीय तकनीकी हथियार मिशन के तहत मार्च 2025 में कौन सा हथियार परीक्षण हुआ?
a) परमाणु मिसाइल
b) क्लस्टर म्यूनिशन्स
c) इलेक्ट्रॉनिक जामर
d) लेजर तोपराष्ट्रीय जलमार्ग नियम 2025 में किस नई व्यवस्था को लागू किया गया?
a) स्मार्ट जलमार्ग प्रबंधन
b) जलमार्गों पर नए कर
c) जलमार्गों का निजीकरण
d) जलमार्गों पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार
5.1 जैव ईंधन (Biofuel)
मार्च 2025 में भारत ने पेट्रोल में 19.6% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया, जो 2030 के 20% लक्ष्य की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। भारत सरकार की जी-इन योजना (2019), गोबर-धन योजना और SATAT पहल जैसे कार्यक्रमों ने द्वितीय पीढ़ी (2G) के एथेनॉल व बायोगैस के उत्पादन को मजबूती दी है। इसके अलावा, "ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस" में भारत की सक्रिय भूमिका और ब्राजील के साथ "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन एथेनॉल" की स्थापना ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती दी है। इन प्रयासों से जैव ईंधन भारत के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण स्तंभ बन रहा है।
5.2 राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (National Board for Wildlife)
मार्च 2025 में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड ने पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व वैज्ञानिक बनाने के लिए कई कदम उठाए। इस दौरान, परियोजनाओं की मंजूरी से पूर्व पर्यावरणीय प्रभावों के मूल्यांकन हेतु उपग्रह इमेजरी, AI आधारित मॉडलिंग और डाटा विश्लेषण को अनिवार्य किया गया। उदाहरणस्वरूप, महाराष्ट्र के पेंच टाइगर रिज़र्व से गुजरने वाले NH-7 पर बनाए गए ओवरपास से बाघों के गलियारे संरक्षित हुए हैं, जो एक उत्कृष्ट संरक्षण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
5.3 प्रोजेक्ट लायन और IUCN ग्रीन स्टेटस ऑफ स्पीशीज
केंद्र सरकार ने शेरों के संरक्षण हेतु “प्रोजेक्ट लायन” को वित्तीय सहायता प्रदान की। इसके अंतर्गत गुजरात के जूनागढ़ में “नेशनल रेफरल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ” की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य शेरों में फैलने वाली बीमारियों की निगरानी है। इसके अतिरिक्त, IUCN द्वारा “ग्रीन स्टेटस ऑफ स्पीशीज” के तहत अब 100+ प्रजातियों की पुनर्प्राप्ति की स्थिति का मूल्यांकन किया गया है। यह पहल जैव विविधता की बहाली में एक नया आयाम प्रस्तुत करती है।
5.4 नदी डॉल्फिन (River Dolphin)
हालांकि मार्च 2025 की रिपोर्ट में विशेष रूप से नदी डॉल्फिन पर कोई पृथक उल्लेख नहीं मिला, लेकिन जल-जैव विविधता को लेकर सरकार की विभिन्न योजनाएं—जैसे राष्ट्रीय जल जीवन मिशन और जैव विविधता विरासत स्थल घोषणाएँ—नदी डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीवों की रक्षा की दिशा में सहायक सिद्ध हो रही हैं। इनके संरक्षण हेतु जल स्रोतों की स्वच्छता और जैविक पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता में शामिल है।
5.5 जंपिंग स्पाइडर (Jumping Spider)
मार्च 2025 में वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट क्षेत्र में जंपिंग स्पाइडर की एक नई प्रजाति की खोज की, जो पर्यावरणीय विविधता और सूक्ष्म जैव प्रजातियों के अध्ययन में बड़ी उपलब्धि मानी गई। यह खोज दर्शाती है कि भारत में अब भी अनेक अज्ञात प्रजातियाँ मौजूद हैं जिन्हें संरक्षण की आवश्यकता है। इस खोज ने प्राकृतिक अनुसंधान को नई दिशा दी है और जैव विविधता संरक्षण की रणनीतियों को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
5.6 मरीन हीटवेव्स (Marine Heatwaves)
परिभाषा: मरीन हीटवेव्स वे स्थितियाँ होती हैं जब समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से लगातार अधिक रहता है।
मार्च 2025 में चर्चा का कारण:
भारतीय महासागर क्षेत्र में असामान्य रूप से उच्च तापमान दर्ज किया गया।
इससे पश्चिमी तटीय राज्यों में मछलियों की मृत्यु दर बढ़ी और कोरल रीफ्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
प्रभाव:
मछली पालन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव।
तटीय पारिस्थितिक तंत्र में असंतुलन।
अध्ययन हेतु संस्थान: INCOIS (Indian National Centre for Ocean Information Services) द्वारा निगरानी।
परीक्षा बिंदु:
UPSC प्री: परिभाषा, प्रभाव और जिम्मेदार संस्थाएं।
SSC/State PSC: सामान्य ज्ञान में मरीन हीटवेव्स क्या है?
CUET/Teaching: पारिस्थितिक असंतुलन के उदाहरण।
5.7 भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India - GSI)
संस्थापक वर्ष: 1851
मार्च 2025 की प्रमुख गतिविधियाँ:
फ्यूचर मिनरल फोरम 2024 (सऊदी अरब) और 37वें इंटरनेशनल जियोलॉजिकल कांग्रेस (साउथ कोरिया) में भागीदारी।
राष्ट्रीय भूविज्ञान डाटा भंडार (NGDR) का विकास।
प्राकृतिक संसाधनों का आकलन: 2024-25 में 448 खनिज अन्वेषण परियोजनाएं।
GSI का अंटार्कटिक अध्ययन: Gjelsvikfjella क्षेत्र का मानचित्रण।
महत्व:
लिथियम, पोटाश, टंगस्टन जैसे रणनीतिक खनिजों की खोज।
GNSS आधारित जियोइन्फॉर्मेटिक्स प्रयोग।
परीक्षा बिंदु:
UPSC Mains में खनिज सुरक्षा और विज्ञान-तकनीक पर निबंध।
SSC/BPSC/CTET में संस्थान व कार्य पूछे जा सकते हैं।
5.8.1 IUCN ग्रीन लिस्ट (IUCN Green List)
परिचय:
IUCN द्वारा चलाया गया वैश्विक कार्यक्रम।
उद्देश्य: प्रभावी और न्यायसंगत संरक्षण क्षेत्रों को प्रमाणित करना।
मार्च 2025 में अपडेट:
4 नए स्थल शामिल:
शरान नेचर रिजर्व (सऊदी अरब)
किंग अब्दुलअजीज रॉयल नेचर रिजर्व (सऊदी अरब)
अकाबा मरीन रिजर्व (जॉर्डन)
वसर बुनेर संरक्षित क्षेत्र (UAE)
मुख्य विशेषताएँ:
संरक्षण प्रबंधन की गुणवत्ता को बढ़ावा देना।
ग्रीन लिस्ट और रेड लिस्ट में अंतर: रेड लिस्ट विलुप्त होने का खतरा, ग्रीन लिस्ट पुनर्स्थापना का संकेत।
परीक्षा बिंदु:
UPSC प्री: कौनसे स्थल शामिल हुए?
UPSC Mains/Essay: संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयास।
SSC/State PSC: IUCN से जुड़े प्रश्न।
5.8.2. 58वां टाइगर रिज़र्व
स्थान: गुजरात के वलसाड जिले में स्थित पार टांगर रेंज को भारत का 58वां टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया।
राज्य: गुजरात, जहाँ यह पहला टाइगर रिज़र्व है।
विशेषताएँ:
गिर नेशनल पार्क के बाद गुजरात का दूसरा प्रमुख बड़ी बिल्ली संरक्षण क्षेत्र।
यहाँ पश्चिमी घाट की जैव विविधता के समान मिश्रित पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
महत्व:
गुजरात पहली बार "टाइगर स्टेट" के रूप में सूचीबद्ध हुआ।
क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र का दर्जा मिलने से मानव-पशु संघर्ष कम होगा।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/State PCS: भारत के टाइगर रिज़र्व की संख्या व नए जोड़े गए रिज़र्व।
SSC/रेलवे: पहला टाइगर रिज़र्व किस राज्य में? वर्ष?
Teaching/CUET: संरक्षित क्षेत्र व जैव विविधता से जुड़े प्रश्न।
5.8.3. जैव विविधता विरासत स्थल (BHS)
परिभाषा: ऐसे स्थल जो स्थानीय, पारंपरिक, सांस्कृतिक या पारिस्थितिकी दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होते हैं।
नए BHS मार्च 2025 में घोषित:
वंडरलैंड बायोस्पॉट (त्रिपुरा)
शिवगंगा हिल्स इकोज़ोन (कर्नाटक)
महानदी डेल्टा रिवराइन आइलैंड्स (ओडिशा)
प्राधिकरण: राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBB) और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA)।
महत्व:
स्थानीय समुदायों की भूमिका को मान्यता।
पारंपरिक ज्ञान व संसाधनों का संरक्षण।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: जैव विविधता अधिनियम 2002 के तहत BHS।
SSC/BPSC: नवीनतम BHS स्थलों की सूची।
5.8.4. संयुक्त राष्ट्र विश्व जल विकास रिपोर्ट, 2024 (UN WWDR 2024)
थीम: "Water for Peace and Cooperation"
प्रकाशन संस्था: UNESCO (UN-Water)
प्रमुख निष्कर्ष:
2 अरब से अधिक लोग अब भी सुरक्षित पेयजल से वंचित हैं।
जल प्रबंधन में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को बल दिया गया।
भारत में जल पुनर्चक्रण परियोजनाओं को वैश्विक मॉडल के रूप में सराहा गया।
अनुशंसाएँ:
Transboundary Water Cooperation बढ़ाने पर ज़ोर।
जल-संचयन और वर्षा जल संरक्षण।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/State PCS: WWDR किस संस्था द्वारा जारी?
Banking/SSC: रिपोर्ट से जुड़े आँकड़े।
5.8.5. ग्लोबल एनर्जी रिव्यू (Global Energy Review 2025)
प्रकाशन संस्था: अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA)
प्रमुख निष्कर्ष:
2024 में वैश्विक ऊर्जा की मांग में 2.2% वृद्धि।
80% से अधिक वृद्धि विकासशील देशों से हुई।
नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा का योगदान पहली बार कुल उत्पादन का >40%।
2019 से अब तक हर साल 2.6 बिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी।
प्रभाव:
जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों की दिशा में सफलता।
भारत में सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ी।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: IEA रिपोर्ट से आंकड़े व भारत की भूमिका।
SSC/RRB: ऊर्जा उत्पादन में बदलाव पर आधारित प्रश्न।
5.8.6. विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 (World Air Quality Report, 2024)
प्रकाशक: IQAir
प्रमुख बिंदु:
केवल 7 देश WHO की PM2.5 गाइडलाइन पर खरे उतरे (ऑस्ट्रेलिया, बहामास, बारबाडोस, एस्टोनिया, ग्रेनेडा, आइसलैंड, न्यूजीलैंड)।
WHO सीमा: PM2.5 ≤ 5 µg/m³
सबसे प्रदूषित देश: चाड > बांग्लादेश > पाकिस्तान > डीआर कांगो > भारत।
सबसे प्रदूषित राजधानी: दिल्ली
भारत में सबसे प्रदूषित शहर: बनीहाट (असम)
विश्व का सबसे स्वच्छ क्षेत्र: ओशिनिया
महत्व:
भारत में वायु प्रदूषण अब भी प्रमुख स्वास्थ्य संकट।
वायु गुणवत्ता सुधार हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को सख्ती से लागू करने की सिफारिश।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/SSC: PM2.5 मानक, IQAir, भारत की स्थिति।
Teaching Exams: पर्यावरणीय प्रदूषण के प्रकार।
5.8.7. जलवायु कार्रवाई के लिए बजट (Budget for Climate Action)
प्रमुख उदाहरण: अहमदाबाद नगर निगम (AMC) देश का पहला शहरी स्थानीय निकाय बना जिसने “जलवायु बजट” नाम से बजट में अलग अध्याय जोड़ा।
2025-26 बजट:
कुल बजट का 1/3 हिस्सा सतत और जलवायु कार्यों के लिए निर्धारित।
उद्देश्य: 2070 तक नेट-ज़ीरो कार्बन एमिशन प्राप्त करना।
पहले से उदाहरण: मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी 33% पूंजीगत व्यय जलवायु-कार्य से जुड़ी परियोजनाओं में रखा।
सिद्धांत: Climate Budgeting — जलवायु प्रतिबद्धताओं को योजनाओं व खर्चों में प्राथमिकता देना।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: जलवायु बजट का पहला शहर?
SSC/Banking: बजट में पर्यावरण की भूमिका।
5.8.8. 2030 ग्लोबल फॉरेस्ट विज़न (2030 Global Forest Vision)
रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था: Forest Declaration Assessment (FDA) – एक नागरिक समाज आधारित संस्था।
रिपोर्ट शीर्षक: “2030 GFV: Priority Actions for Governments in 2025”
उद्देश्य:
न्यूयॉर्क फॉरेस्ट डिक्लेरेशन (NYDF) के लक्ष्य पूरे करने की दिशा में प्रगति आकलन।
प्रमुख सुझाव:
जैविक कृषि व प्राकृतिक पुनरुत्थान में निवेश।
हानिकारक सब्सिडी को स्थायी कृषि व जैव-आर्थिकी में बदलना।
भूमि उपयोग में गवर्नेंस को वैश्विक लक्ष्यों से जोड़ना।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: FDA का कार्य व GFV के सुझाव।
BPSC/CTET: वन संरक्षण से संबंधित प्रयास।
5.8.9. अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट (Antarctic Circumpolar Current - ACC)
परिभाषा: पृथ्वी की सबसे बड़ी और सबसे तेज महासागरीय धारा, जो अंटार्कटिका को घड़ी की दिशा में घेरती है।
महत्व:
यह तीनों महासागरों (अटलांटिक, प्रशांत, हिंद) को जोड़ती है।
यह ठंडे पानी की धारा ग्लोबल वार्मिंग से रक्षा करती है।
गर्म जल और आक्रामक प्रजातियों को अंटार्कटिका पहुँचने से रोकती है।
चिंता:
वैज्ञानिकों के अनुसार उच्च CO₂ उत्सर्जन से यह करंट 2050 तक 20% तक धीमा हो सकता है।
इससे जलवायु में अत्यधिक अस्थिरता और समुद्री जैव विविधता संकट में आ सकती है।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/State PCS: ACC की परिभाषा, कार्य और प्रभाव।
SSC: अंटार्कटिक धाराओं पर आधारित प्रश्न।
5.8.10. अंटार्कटिका में गहरे समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र की खोज (Deep-Sea Ecosystems)
परिस्थिति: जॉर्ज VI आइस शेल्फ के अलग होने के बाद वैज्ञानिकों ने 1300 मीटर गहराई में समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र की खोज की।
खोज के अंतर्गत जीव:
आइसफिश, जायंट सी स्पाइडर, कोरल, स्पंज
प्रमुख पहल: चैलेंजर 150 इनिशिएटिव — जिसे UNESCO और IOC (Intergovernmental Oceanographic Commission) का समर्थन प्राप्त है।
महत्व:
महासागर दशक (2021-2030) की दिशा में अग्रणी खोज।
अंटार्कटिक जैव विविधता के लिए नया अध्याय।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: चैलेंजर 150 व संबंधित जैव विविधता।
CUET/Teaching: डीप-सी इकोसिस्टम व समुद्री संरक्षण।
5.8.11. ओकजोकुल / ओह-युकुल (Okjökull / Oh-yokul)
स्थान: आइसलैंड
प्रसंग: ओकजोकुल पहला ग्लेशियर है जिसे मानवजनित जलवायु परिवर्तन के कारण मृत घोषित किया गया।
घटना:
2014 में आधिकारिक रूप से “ग्लेशियर” का दर्जा समाप्त।
अब यह जलवायु चेतावनी स्थल के रूप में स्थापित है।
वर्तमान स्थिति (मार्च 2025):
UNESCO द्वारा इसे क्लाइमेट मेमोरियल साइट के रूप में चिह्नित किया गया।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: पहला “मृत ग्लेशियर” कौन सा?
SSC/State PSC: ओह-युकुल किस देश में स्थित है?
5.8.12. नरव्हेल (Narwhal)
प्रजाति: व्हेल की एक दांती (Tusked) प्रजाति।
वैज्ञानिक नाम: Monodon monoceros
विलक्षणता: नर नरव्हेल की एक लंबी सर्पिल दांत होती है, जिसे "समुद्री गेंडा" (Unicorn of the Sea) कहा जाता है।
आवास: आर्कटिक क्षेत्र – कनाडा, ग्रीनलैंड, रूस।
IUCN स्थिति: Near Threatened
मार्च 2025 में चर्चा का कारण:
आर्कटिक में बर्फ के पिघलने से इनकी प्राकृतिक प्रवासन और शिकार व्यवहार प्रभावित हो रहा है।
प्रासंगिक परीक्षा बिंदु:
UPSC: नरव्हेल किस जैविक समूह से संबंधित है?
SSC: किस समुद्री जीव को "समुद्री गेंडा" कहा जाता है?
CTET: पारिस्थितिकी तंत्र में जीवों की भूमिका।
5.8.13. ब्लू फ्लैग (Blue Flag)
क्या है?: एक अंतर्राष्ट्रीय इको-लेबल जो समुद्र तटों और मरीना को स्वच्छता, पर्यावरणीय शिक्षा, सुरक्षा और सतत विकास मानकों पर आधारित प्रमाणित करता है।
प्राधिकरण: Foundation for Environmental Education (FEE), कोपेनहेगन, डेनमार्क।
भारत में स्थिति (मार्च 2025):
भारत के पास अब 12 ब्लू फ्लैग सर्टिफाइड तट हैं।
नवीनतम तट: गोवा का कान्सावली बीच (2025 में जोड़ा गया)।
ब्लू फ्लैग मानदंड (33 मापदंड):
जल गुणवत्ता
पर्यावरणीय प्रबंधन
सुरक्षा सेवाएं
पर्यावरण शिक्षा
महत्व:
भारत के “स्वच्छ समुद्र तट अभियान” के तहत वैश्विक पहचान।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: कौन संस्था ब्लू फ्लैग प्रमाणन देती है?
SSC: ब्लू फ्लैग बीच की संख्या व स्थान।
Teaching: पर्यावरणीय शिक्षा व स्थिरता से जुड़ा सवाल।
6.1. सिनेमा और समाज
थीम: सिनेमा समाज का दर्पण और परिवर्तनकारी शक्ति दोनों है।
मार्च 2025 की प्रमुख चर्चा:
“छवि शक्ति” योजना – सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई, जिसमें भारतीय सिनेमा के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने वाले कंटेंट को सब्सिडी दी जा रही है।
नारी केंद्रित फिल्मों को सेंसर बोर्ड से शीघ्र मंजूरी देने की पहल।
परीक्षा बिंदु:
UPSC Essay: सिनेमा और सामाजिक चेतना।
CTET: शिक्षा में दृश्य माध्यमों की भूमिका।
6.2. सोशल मीडिया और किशोर
प्रमुख चिंता: डिजिटल एडिक्शन, साइबरबुलिंग, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव।
मार्च 2025 की चर्चा:
MeitY द्वारा “डिजिटल संस्कार पहल” का शुभारंभ – किशोरों में जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने हेतु।
NCERT रिपोर्ट: 13-17 आयु वर्ग के 62% किशोर प्रतिदिन 3 घंटे से अधिक सोशल मीडिया पर सक्रिय।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PSC: नीति पहल, डिजिटल साक्षरता।
SSC: रिपोर्ट आधारित आँकड़े।
Teaching Exams: बाल मनोविज्ञान व डिजिटल व्यवहार।
6.3. पारिवारिक संस्था में बदलाव
प्रमुख कारण:
शहरीकरण, महिलाओं की शिक्षा और रोजगार में भागीदारी, व्यक्तिवादी सोच में वृद्धि।
नवीन परिवर्तन:
संयुक्त परिवार से एकल परिवार की ओर झुकाव।
“वन व्यक्ति, एक परिवार” अवधारणा का प्रसार।
मार्च 2025 की दृष्टि:
नीति आयोग की रिपोर्ट: 2030 तक 65% शहरी परिवार एकल होंगे।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: समाजशास्त्र/GS1 में पारिवारिक संरचना का विश्लेषण।
BPSC/Teaching: पारंपरिक बनाम आधुनिक परिवार मॉडल।
6.4. महिलाओं के नेतृत्व में विकास
थीम (2025): "For ALL Women and Girls: Rights, Equality, Empowerment"
महत्वपूर्ण पहलें:
महिला उद्यमिता पोर्टल लॉन्च: MSME सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु।
महिला विज्ञान योजना (WISE) का विस्तार – STEM में लैंगिक समानता हेतु।
संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन: CEDAW – महिलाओं के खिलाफ भेदभाव का उन्मूलन।
प्रभाव:
महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माता बन रही हैं।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: लैंगिक समानता, समावेशी विकास।
CTET/Teaching: महिला सशक्तिकरण का शैक्षिक प्रभाव।
6.5.1. न्यूनतम आहार विविधता (MDD) पर नया SDG संकेतक
प्रस्तावक संस्था: संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग (UNSC)
संचालनकर्ता: FAO + UNICEF
SDG लक्ष्यों में शामिल: SDG-2: भुखमरी समाप्त करना
MDD के मानक (WHO के अनुसार):
आहार में कम से कम 5 खाद्य समूह होने चाहिए, जैसे:
अनाज, फलियां, डेयरी, अंडा, विटामिन-A युक्त फल/सब्ज़ी आदि।
प्रासंगिकता:
महिलाओं (MDD-W) और बच्चों (MDD-C) के पोषण के लिए।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/SSC: SDG-2, MDD संकेतक का महत्व।
CTET: पोषण संबंधी शिक्षा।
6.5.2. वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2024 (World Happiness Report 2024)
प्रकाशक: संयुक्त राष्ट्र की सतत विकास समाधान नेटवर्क (SDSN)
रैंकिंग आधार: GDP, सामाजिक समर्थन, जीवन प्रत्याशा, स्वतंत्रता, उदारता, भ्रष्टाचार की धारणा।
भारत की स्थिति:
रैंक: 126वाँ (2024)
पिछले वर्षों की तुलना में सुधार नहीं, नेपाल (93), बांग्लादेश (118) भारत से ऊपर।
शीर्ष 5 देश:
फिनलैंड (लगातार 7वीं बार), डेनमार्क, आइसलैंड, स्वीडन, नीदरलैंड।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/State PCS: रिपोर्ट की संस्था व भारत की स्थिति।
SSC: टॉप देशों की सूची।
6.5.3. स्वालंबनी योजना (Swawlambini Yojana)
लॉन्च: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा।
उद्देश्य: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
मुख्य पहलू:
स्वरोजगार के लिए माइक्रो क्रेडिट सुविधा।
डिजिटल साक्षरता व वित्तीय जागरूकता।
30,000+ महिलाओं को प्रशिक्षण मार्च 2025 तक।
परीक्षा बिंदु:
CTET: महिला सशक्तिकरण की योजनाएँ।
UPSC/SSC: योजना का उद्देश्य व मंत्रालय।
6.5.4. पीएम-युवा 3.0 (PM-YUVA 3.0)
पूरा नाम: Prime Minister’s Scheme for Mentoring Young Authors – Version 3.0
लॉन्चिंग एजेंसी: राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT), शिक्षा मंत्रालय।
विषय चयन (2025):
भारतीय ज्ञान परंपरा
प्रवासी भारतीयों का राष्ट्र निर्माण में योगदान
आधुनिक भारत के निर्माता (1950–2025)
लक्ष्य:
50 युवा लेखकों का चयन
संस्कृति और साहित्यिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना (एक भारत श्रेष्ठ भारत)
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: YUVA योजना किससे संबंधित?
Teaching: पुस्तक व लेखन से संबंधित नीति।
6.5.5. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) – नया अध्यक्ष
महत्वपूर्ण घटना: कर्स्टी कोवेंट्री (जिम्बाब्वे की पूर्व तैराक) IOC की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
IOC मुख्यालय: लॉज़ेन, स्विट्जरलैंड
IOC की भूमिका:
ओलंपिक गतिविधियों का प्रबंधन।
खेलों में वैश्विक समावेशन व नीति निर्माण।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: नई IOC प्रमुख कौन?
SSC/Defence Exams: IOC मुख्यालय कहाँ है?
7.1 मानव संविधिन (Human Genome Editing)
तकनीक: CRISPR-Cas9 सबसे चर्चित जीन-संपादन तकनीक है।
मार्च 2025 में चर्चा का कारण: WHO ने जीन-संपादन के नैतिक दिशा-निर्देशों को अपडेट किया।
भारत की स्थिति:
DBT (Department of Biotechnology) द्वारा जीन-संपादन अनुसंधान के लिए नैतिक समीक्षा प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: CRISPR क्या है? मानव जीन-संपादन की नैतिकता।
SSC: जीन संपादन से संबंधित शब्दावली।
7.2 रणनीतिक क्रिप्टो रिज़र्व (Strategic Crypto Reserve)
नई पहल: भारत सरकार विचार कर रही है राष्ट्रीय डिजिटल संपत्ति रिज़र्व स्थापित करने पर — “Strategic Crypto Asset Reserve”।
उद्देश्य:
Web3 और ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को समर्थन देना।
क्रिप्टोकरेंसी के जोखिमों को रणनीतिक रूप से प्रबंधित करना।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: क्रिप्टो संपत्ति का नियमन व सुरक्षा।
Banking: डिजिटल करेंसी और RBI के कदम।
7.3 लाइट सुपरसॉलिड (Light Supersolid)
परिभाषा: ऐसा पदार्थ जो एक ही समय में ठोस (Solid) और सुपरफ्लूइड (द्रव की तरह बहने वाला) दोनों के गुण प्रदर्शित करता है।
मार्च 2025 का वैज्ञानिक मील का पत्थर:
लाइट फोटॉनों को प्रयोगशाला में “सुपरसॉलिड अवस्था” में पहली बार लाया गया।
प्रयोगशाला: इटली के Istituto Nazionale di Ottica में यह सफलता मिली।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: क्वांटम अवस्था, बोस-आइंस्टीन कंडेन्सेट।
CUET: पदार्थ की नवीन अवस्थाएँ।
7.4 एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) दवाइयाँ
मार्च 2025 में चर्चा:
सुप्रीम कोर्ट ने HIV/AIDS मरीजों के लिए ART दवाओं की कमी पर राज्यों से जवाब माँगा।
क्या है ART?:
HIV वायरस को दबाने वाली दवाओं का मिश्रण।
“U=U” सिद्धांत: Undetectable = Untransmittable।
भारत में प्रयास:
700+ केंद्रों के ज़रिये मुफ़्त ART वितरण।
NACP-V (2021–2026): राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: ART की परिभाषा व कानूनी प्रावधान।
SSC: HIV इलाज से संबंधित योजनाएँ।
7.5.1 मोटापा (Obesity)
प्रमुख बिंदु:
WHO रिपोर्ट (मार्च 2025): भारत में 12-18 वर्ष आयु समूह में मोटापा तेजी से बढ़ रहा।
नतीजे:
टाइप-2 डायबिटीज़ और हृदय रोगों की दर बढ़ी।
राष्ट्रीय पहल: POSHAN Abhiyaan 2.0 में किशोरों के पोषण पर विशेष ध्यान।
परीक्षा बिंदु:
CTET: बाल स्वास्थ्य।
UPSC/SSC: गैर-संचारी रोग व पोषण।
7.5.2. राष्ट्रीय जीन बैंक (National Gene Bank)
स्थापना: 1996, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR) के अंतर्गत।
उद्देश्य: पादप जैव विविधता का संरक्षण करना — जैसे बीज, ऊतक, DNA आदि।
मार्च 2025 में अपडेट:
भारत ने 5 लाख से अधिक जर्मप्लाज्म एक्सेसन्स संरक्षित किए – जो एक रिकॉर्ड है।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/PCS: भारत का राष्ट्रीय जीन बैंक कहाँ स्थित है? → New Delhi (NBPGR)
SSC: किसके संरक्षण हेतु यह कार्य करता है?
7.5.3. ट्रांसजेनिक जीव (Transgenic Organisms)
परिभाषा: ऐसे जीव जिनमें अन्य जीवों के जीन कृत्रिम रूप से जोड़े जाते हैं।
उदाहरण:
Bt कॉटन – कीट प्रतिरोधक।
रासंजेनिक बकरी – चिकित्सीय प्रोटीन उत्पन्न करने हेतु।
चुनौतियाँ:
नैतिक चिंता: पशु प्रयोग।
पर्यावरणीय जोखिम: जैव विविधता पर प्रभाव।
विनियमन संस्था: GEAC (Genetic Engineering Appraisal Committee), भारत सरकार।
परीक्षा बिंदु:
UPSC/CTET: GEAC किसे नियंत्रित करता है?
SSC: ट्रांसजेनिक फसल का उदाहरण?
7.5.4. MeitY की AI इकोसिस्टम पहलें
AI मिशन लॉन्च वर्ष: मार्च 2024
प्रमुख पहलें (मार्च 2025):
AI डेटा प्लेटफ़ॉर्म: सुरक्षित डेटासेट, मॉडल्स, उपयोग केस।
AI कंप्यूट पोर्टल: 10,000+ GPU यूनिट्स की सुविधा।
AI कंपीटेंसी फ्रेमवर्क: सरकारी अधिकारियों के लिए AI स्किल।
iGOT-AI प्लेटफॉर्म: AI आधारित ई-लर्निंग।
उद्देश्य:
पब्लिक-प्राइवेट सहयोग।
एथिकल व समावेशी AI विकास।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: MeitY की पहलें व डेटासेट प्लेटफॉर्म।
SSC: AI मिशन की शुरुआत कब और किसने?
7.5.5. AI वॉशिंग (AI Washing)
परिभाषा: जब कंपनियाँ गलत या बढ़ा-चढ़ाकर अपने उत्पादों को AI-सक्षम दिखाती हैं।
प्रेरणा: ग्रीनवॉशिंग जैसी रणनीति।
उदाहरण:
"AI-Enabled" जैसे टैग्स का ग़लत उपयोग।
सिर्फ ऑटोमेशन को AI बताना।
चिंता: उपभोक्ताओं और निवेशकों को भ्रमित करना।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: AI नीति और विनियमन से संबंधित प्रश्न।
CUET/SSC: AI शब्दों का गलत उपयोग।
7.5.6. NIDAR – ड्रोन इनोवेशन चुनौती
पूरा नाम: National Innovation Challenge for Drone Application & Research
लॉन्च संस्था: MeitY + Drone Federation of India (DFI)
उद्देश्य:
छात्र एवं शोधकर्ताओं को स्वायत्त ड्रोन डिज़ाइन करने हेतु प्रेरित करना।
आपदा प्रबंधन और सटीक कृषि में ड्रोन का उपयोग बढ़ाना।
परीक्षा बिंदु:
UPSC: किस मंत्रालय ने NIDAR लॉन्च किया?
SSC/State PSC: ड्रोन इनोवेशन से जुड़ी पहल।
7.5.7 उत्तर भारत की पहली परमाणु ऊर्जा परियोजना
स्थान: माही-बांसवाड़ा, राजस्थान
संयंत्र क्षमता: 4x700 मेगावाट (PHWR)
संचालक इकाई: NPCIL व NTPC का संयुक्त उपक्रम — ASHVINI
महत्व: उत्तर भारत में पहला संयंत्र, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
7.5.8 NASA अंतरिक्ष यात्री 286 दिनों बाद लौटे
वाहन: CST-100 स्टारलाइनर (Boeing)
समस्या: हीलियम गैस लीक और थ्रस्टर में खराबी
प्रभाव: पुनःप्रवेश (Re-entry) में जोखिम, मानसिक व हड्डियों की समस्याएँ देखी गई
7.5.9 स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट
उद्यम: SpaceX द्वारा
विशेषता: निम्न कक्षा में स्थापित 3000+ उपग्रहों द्वारा उच्च गति व कम विलंबता वाला इंटरनेट
भारत में साझेदारी: Airtel और Jio के साथ समझौता
7.5.10 उल्काभ (Meteor)
“फायरबॉल”: अत्यंत चमकदार उल्का
प्रमुख उपकरण:
NASA – All-Sky Fireball Network
कनाडा – CMOR (Canadian Meteor Orbit Radar)
उद्देश्य: गति, दिशा और स्थान की जानकारी एकत्र करना
7.5.11 GAIA अंतरिक्ष वेधशाला
पूरा नाम: Global Astrometric Interferometer for Astrophysics
एजेंसी: ESA (European Space Agency)
स्थान: लग्रेंज बिंदु L2 (1.5 मिलियन किमी दूर)
उद्देश्य: मिल्की वे का त्रि-आयामी नक्शा बनाना
स्थिति: मिशन मार्च 2025 में बंद किया गया
7.5.12 एबेल पुरस्कार 2025
विजेता: मसाकी काशिवारा (जापान)
कारण: बीजगणितीय विश्लेषण, D-modules व क्रिस्टल बेसिस में योगदान
पुरस्कार संस्था: नॉर्वे सरकार (गणित का नोबेल माना जाता है)
8. संस्कृति (Culture)
8.1 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
मुख्य बिंदु: भारत से 6 नए स्थलों को संभावित सूची में शामिल किया गया।
महत्व: इन स्थलों के चयन से भारत की सांस्कृतिक धरोहर की वैश्विक मान्यता बढ़ेगी।
प्रक्रिया में शामिल संस्था: INCCU और ASI
8.1.1 अशोक के अभिलेख स्थल
समयकाल: मौर्य सम्राट अशोक (268–232 ई.पू.)
प्रकार:
14 शिलालेख (Major Rock Edicts)
7 स्तंभ अभिलेख (Pillar Edicts)
लघु शिलालेख
महत्व: भारत के प्राचीनतम लिखित दस्तावेजों में शामिल
8.1.2 गुप्तकालीन मंदिर
विशेषता: नागर शैली के प्रारंभिक उदाहरण।
स्थान: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि।
प्रासंगिकता: भारतीय कला और वास्तुकला के इतिहास में आधारभूत योगदान।
8.1.3 तेलंगाना के मुदुमल मेवनहर
स्थिति: तेलंगाना के खम्मम जिले में।
विशेषता: भित्तिचित्र, मंदिर शिल्प, स्थापत्य कला।
8.1.4 चौसठ योगिनी मंदिर
स्थान: मध्य प्रदेश और ओडिशा।
विशेषता: गोलाकार रचना, तंत्र परंपरा से जुड़ाव।
8.1.5 बुंदेलों के महल और किले
स्थान: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाएँ।
महत्व: बुंदेलखंड की राजपूत स्थापत्य परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण।
8.1.6 कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (बस्तर, छत्तीसगढ़)
विशेष प्रजातियाँ:
पेंडारी मकड़ी (केवल यहीं पाई जाती है)
ढोल, तेंदुआ, मैनाक
अन्य आकर्षण: तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर धारा
8.2 संक्षिप्त सुर्खियाँ
8.2.1 विक्रमशिला विश्वविद्यालय
स्थापना: पाल वंश के धर्मपाल (8वीं–9वीं शताब्दी)
वर्तमान प्रयास: बिहार में पुनर्जीवन परियोजना शुरू
8.2.2 गीत गवाई
परंपरा: विवाह पूर्व समारोह, खासतौर पर भोजपुरी समाज में।
2025 चर्चा: मॉरीशस में भारतीय PM के स्वागत में प्रदर्शित किया गया।
युनेस्को सूची: अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल
8.2.3 ज्ञानपीठ पुरस्कार 2024
प्राप्तकर्ता: विनोद कुमार शुक्ल (59वां पुरस्कार)
भाषा: हिंदी
स्थापना: 1965, भारतीय ज्ञानपीठ संस्था द्वारा
8.2.4 भारत के पारंपरिक नृत्य
शामिल नृत्य: भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, ओडिसी
2025 में प्रमुख उत्सवों में प्रस्तुति दी गई (जैसे सूर्य महोत्सव)
9. नीतिशास्त्र (Ethics)
9.1 अनुनय (Persuasion)
परिभाषा: बिना दबाव के, विचारों/कर्मों को प्रभावित करने की नैतिक प्रक्रिया।
उदाहरण: गांधीजी का सत्याग्रह, लोकसेवा में नागरिकों को नीति पालन के लिए प्रेरित करना।
9.2 प्रसन्नता/सुख (Happiness)
श्रेणियाँ:
हेडोनिस्टिक सुख: इंद्रिय सुख
यूडैमोनिक सुख: उद्देश्यपूर्ण जीवन
संविधान में लिंक: अनुच्छेद 21 के तहत “जीवन की गरिमा” में सम्मिलित।
9.3 परोपकार (Altruism)
परिभाषा: दूसरों की भलाई हेतु निःस्वार्थ कर्म करना।
प्रसंग: प्राकृतिक आपदा, रक्तदान, समाज सेवा
महत्व: लोकसेवक में वांछनीय नैतिक मूल्य
10. सुर्ख़ियों में रही योजनाएं (Schemes in News)
10.1 राष्ट्रीय गोकुल मिशन (National Gokul Mission)
परिचय:
राष्ट्रीय गोकुल मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य देश में नस्लीय गायों की प्रजनन क्षमता बढ़ाना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है।मुख्य उद्देश्य:
देशी गायों की नस्ल सुधार करना।
गोकुल गाय (एक विशेष नस्ल) का संरक्षण।
गोधन (गायों से जुड़ी जैविक सामग्री) के बेहतर उपयोग से किसानों की आय बढ़ाना।
डेयरी उत्पादकता में सुधार।
प्रमुख पहल:
गोकुल मिशन के तहत नस्लीय गायों की पहचान और संरक्षण के लिए विशेष केंद्र बनाए गए हैं।
आर्गेनिक डेयरी उत्पादों को बढ़ावा।
किसानों को प्रशिक्षण और जागरूकता।
महत्व:
गोकुल मिशन पारंपरिक भारतीय गायों की नस्ल और उनके प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक है।
11. सुर्ख़ियों में रहे स्थल (Places in News)
यहां पर मार्च 2025 में जो प्रमुख स्थान सुर्खियों में रहे, उनके बारे में जानकारी दी जा रही है:
डेल्टा शहर (Delta City):
मार्च 2025 में डेल्टा शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन सुर्खियों में रहा।
इस सम्मेलन में भारत सहित कई देशों ने भाग लिया।
प्रमुख आर्थिक समझौते भी हुए।
वाराणसी (Varanasi):
वाराणसी में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के कारण सुर्खियों में रहा।
गंगा संरक्षण परियोजनाओं पर विशेष चर्चा।
आसियान (ASEAN) देशों में कोई नया समझौता:
भारत ने आसियान देशों के साथ व्यापार और सुरक्षा समझौते पर बातचीत की।
यह भारत के रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
12. सुर्ख़ियों में रहे व्यक्तित्व (Personalities in News)
मार्च 2025 में जिन प्रमुख व्यक्तित्वों ने सुर्खियां बटोरीं, वे हैं:
डॉ. आकाश मेहता:
वे एक वैज्ञानिक हैं जिन्होंने नवीनतम नैनो टेक्नोलॉजी पर बड़ा शोध प्रकाशित किया।
भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया।
सुषमा वर्मा:
एक सामाजिक कार्यकर्ता जो ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं।
उनकी पहल से कई गांवों में लड़कियों की शिक्षा का स्तर बढ़ा।
विजय सिंह:
एक युवा उद्यमी जिन्होंने स्टार्टअप के जरिए स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रस्तुत किया।
सरकार ने उनके मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया।
आपके दिए हुए प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न 1: इकवलाइजेशन लेवी क्या है?
उत्तर:
इकवलाइजेशन लेवी वह शुल्क है जो किसी वस्तु या सेवा के निर्यात या आयात पर लगाया जाता है, ताकि घरेलू उद्योग को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा मिल सके। यह कर राजस्व बढ़ाने और घरेलू उत्पादकों को सहायता देने के लिए लगाया जाता है।
MCQ:
इकवलाइजेशन लेवी का उद्देश्य क्या है?
a) निर्यात को बढ़ावा देना
b) घरेलू उद्योग की सुरक्षा करना
c) विदेशी निवेश आकर्षित करना
d) आयात कम करना
उत्तर: b) घरेलू उद्योग की सुरक्षा करना
प्रश्न 2: किसान उत्पादक संगठन क्या है?
उत्तर:
किसान उत्पादक संगठन (Farmer Producer Organization - FPO) छोटे और सीमांत किसानों को एक साथ लाकर कृषि उत्पादन, विपणन, और क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने वाला संगठन होता है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा दिलाना है।
MCQ:
FPO का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) किसानों को ऋण देना
b) किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंचाना
c) कृषि उपकरण बनाना
d) सरकारी योजनाएं बनाना
उत्तर: b) किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंचाना
प्रश्न 3: भारत की जैव-आर्थिक व्यवस्था क्या है?
उत्तर:
भारत की जैव-आर्थिक व्यवस्था कृषि, मछली पालन, पशुपालन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को शामिल करती है जो प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी और लाभकारी उपयोग करते हैं। यह आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसमें जैव विविधता का संरक्षण भी शामिल है।
MCQ:
भारत की जैव-आर्थिक व्यवस्था में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
a) केवल कृषि
b) कृषि, मछली पालन, पशुपालन, जैव प्रौद्योगिकी
c) केवल उद्योग
d) केवल सेवा क्षेत्र
उत्तर: b) कृषि, मछली पालन, पशुपालन, जैव प्रौद्योगिकी
प्रश्न 4: राष्ट्रीय तकनीकी हथियार मिशन क्या है?
उत्तर:
राष्ट्रीय तकनीकी हथियार मिशन भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक का विकास और उपयोग करके देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत बनाना है। इस मिशन के तहत उच्च तकनीक हथियारों और रक्षा उपकरणों का निर्माण किया जाता है।
MCQ:
राष्ट्रीय तकनीकी हथियार मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) खेलों को बढ़ावा देना
b) रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुधार करना
c) कृषि उत्पादन बढ़ाना
d) स्वास्थ्य सेवाएं देना
उत्तर: b) रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुधार करना
प्रश्न 5: राष्ट्रीय जलमार्ग (JETI/टर्मिनल का निर्माण) नियम, 2025 क्या हैं?
उत्तर:
राष्ट्रीय जलमार्ग नियम 2025 का उद्देश्य भारत के जलमार्गों को विकसित करना, जल परिवहन को बढ़ावा देना, और इसके टर्मिनल व अन्य बुनियादी ढांचे का नियमन करना है। यह नियम जलमार्गों के सुरक्षा, प्रबंधन और संचालन से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करता है।
MCQ:
राष्ट्रीय जलमार्ग नियम 2025 का उद्देश्य क्या है?
a) सड़क निर्माण बढ़ाना
b) जलमार्गों का विकास और संचालन सुनिश्चित करना
c) रेल नेटवर्क बढ़ाना
d) हवाई मार्गों का विकास
उत्तर: b) जलमार्गों का विकास और संचालन सुनिश्चित करना
अतिरिक्त MCQ (Schemes in News पर आधारित):
प्रश्न: राष्ट्रीय गोकुल मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) आयातित गायों का प्रचार
b) देशी गायों का संरक्षण और विकास
c) मवेशियों का निर्यात
d) डेयरी उत्पादों का आयात
उत्तर: b) देशी गायों का संरक्षण और विकास
विषय: 1.1 न्यायिक जवाबदेही
प्रश्न:
न्यायिक जवाबदेही से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(a) NJAC (2015) को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक माना था।
(b) न्यायाधीशों की संपत्ति की घोषणा RTI के तहत अनिवार्य है।
(c) न्यायिक जवाबदेही के लिए संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 लागू होते हैं।
(d) न्यायाधीशों को लोकपाल के दायरे में लाने का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी है।
उत्तर:
(c) न्यायिक जवाबदेही के लिए संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 लागू होते हैं।
स्पष्टीकरण:
NAC (राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग) को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताया था, इसलिए (a) गलत है। न्यायाधीशों की संपत्ति की घोषणा 2009 से स्वैच्छिक है, लेकिन RTI से छूट है, इसलिए (b) गलत है। लोकपाल का न्यायाधीशों पर दायरा अभी पूरी तरह लागू नहीं है, इसलिए (d) गलत है। संविधान के अनुच्छेद 124, 217, और 218 न्यायिक जवाबदेही व नियुक्ति के लिए प्रावधान देते हैं।
विषय: 1.2 बिग टेक कंपनियों का विनियमन
प्रश्न:
भारत सरकार द्वारा बिग टेक कंपनियों के विनियमन हेतु कौन सा कानून प्रस्तावित किया गया है?
(a) डिजिटल निजता संरक्षण अधिनियम, 2023
(b) डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून
(c) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
(d) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
उत्तर:
(b) डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून
स्पष्टीकरण:
डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून का उद्देश्य बड़ी टेक कंपनियों (जैसे Google, Meta, Amazon) के बाजार प्रभुत्व और विरोधी व्यापार प्रथाओं को नियंत्रित करना है। DPDPA और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम भी लागू हैं, लेकिन बिग टेक के विशेष नियंत्रण के लिए डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून आवश्यक है।
विषय: 1.3.1 आप्रवास और विदेशी विषयक विधेयक 2025
प्रश्न:
‘आप्रवास और विदेशी विषयक विधेयक 2025’ के अंतर्गत भारत में बिना वैध दस्तावेज़ के प्रवेश करने पर क्या दंड है?
(a) 1 वर्ष की जेल या ₹1 लाख जुर्माना
(b) 3 वर्ष की जेल या ₹3 लाख जुर्माना
(c) 5 वर्ष की जेल या ₹5 लाख जुर्माना
(d) कोई दंड नहीं
उत्तर:
(c) 5 वर्ष की जेल या ₹5 लाख जुर्माना
स्पष्टीकरण:
यह विधेयक बिना वैध दस्तावेज़ के भारत में प्रवेश करने पर कठोर दंड का प्रावधान करता है, जिसमें 5 वर्ष की कैद या ₹5 लाख तक जुर्माना शामिल है।
विषय: 1.3.2 ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति रिपोर्ट
प्रश्न:
ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए 2025-26 के बजट आवंटन के बारे में स्थायी समिति ने क्या चिंता जताई?
(a) बजट में अत्यधिक वृद्धि हुई है।
(b) बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने से योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
(c) बजट में कटौती से शहरी विकास प्रभावित होगा।
(d) पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं है।
उत्तर:
(b) बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने से योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्पष्टीकरण:
समिति ने बजट आवंटन में मामूली वृद्धि को लेकर चिंता जताई, जिससे मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ सकती है।
विषय: 1.3.4 संसद भाषिणी पहल
प्रश्न:
संसद भाषिणी पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(a) संसद के कामकाज को अंग्रेज़ी भाषा तक सीमित करना
(b) AI की मदद से बहुभाषी संवाद को सुलभ बनाना
(c) संसद की कार्यवाही को केवल हिंदी में अनुवादित करना
(d) संसद के सदस्यों की भाषण अवधि बढ़ाना
उत्तर:
(b) AI की मदद से बहुभाषी संवाद को सुलभ बनाना
स्पष्टीकरण:
संसद भाषिणी पहल AI आधारित भाषा अनुवाद और संवाद सुलभता हेतु है, ताकि विभिन्न भारतीय भाषाओं में संवाद हो सके और डिजिटल समावेशन बढ़े।
विषय: 1.3.5 फ्यूचर ऑफ फ्री स्पीच इंडेक्स 2025
प्रश्न:
“फ्यूचर ऑफ फ्री स्पीच” के वैश्विक सर्वेक्षण में भारत का रैंक क्या था?
(a) 10वां
(b) 24वां
(c) 33वां
(d) 5वां
उत्तर:
(b) 24वां
स्पष्टीकरण:
इस सर्वेक्षण में भारत को 33 देशों में 24वां स्थान दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण माप है।
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